यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ — हरिद्वार से 9 रात/10 दिन का पूरा पैकेज ₹18,500 से शुरू। सीधे ऑपरेटर से, बिना किसी एजेंट कमीशन के, रजिस्ट्रेशन हम करते हैं।
चार धाम यात्रा की सबसे ज़्यादा खोज हिन्दी में ही होती है — और सबसे ज़्यादा गलत जानकारी भी हिन्दी में ही मिलती है। पुराने रेट, कॉपी-पेस्ट किए हुए पैकेज, और ऐसे वादे जो पहाड़ पर पूरे नहीं हो सकते। यह पन्ना हरिद्वार में बैठकर लिखा गया है, उन्हीं लोगों ने जो हर सीज़न इन सड़कों पर गाड़ियाँ चलाते हैं।
यह पन्ना हिन्दी में क्यों?
बाकी भाषाओं के पन्ने इसलिए बने कि उन इलाकों के यात्रियों को अपनी भाषा में जानकारी मिले। हिन्दी का मामला अलग है — यह यात्रा की अपनी भाषा है, हमारे ज़्यादातर फ़ोन कॉल हिन्दी में ही आते हैं। दिक्कत भाषा की नहीं, भरोसे की है। इंटरनेट पर हिन्दी में चार धाम की जो जानकारी मिलती है, उसमें बड़ा हिस्सा दो-तीन साल पुराने रेट, दूसरी वेबसाइटों से कॉपी किया हुआ मैटर, और ऐसे दावे हैं जो पहाड़ पर टिकते नहीं। हम हरिद्वार के भूपतवाला में बैठते हैं, 2010 से इन्हीं रास्तों पर अपनी गाड़ियाँ चलाते हैं, और नीचे हर सवाल का सीधा जवाब दिया है — वह भी जहाँ जवाब हमारे हक़ में नहीं जाता।
चार धाम यात्रा है क्या?
उत्तराखंड की चार धाम यात्रा यानी एक ही सफ़र में चार पवित्र धामों के दर्शन — यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ। इसे छोटा चार धाम भी कहते हैं, क्योंकि आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित बड़ा चार धाम (बद्रीनाथ, द्वारका, पुरी, रामेश्वरम) पूरे भारत में फैला है। यात्रा हरिद्वार से शुरू होकर हरिद्वार पर ही खत्म होती है, और सड़क मार्ग से पूरा चक्कर लगाने में आमतौर पर 9 से 12 दिन लगते हैं। परंपरा के अनुसार क्रम पश्चिम से पूर्व चलता है — पहले यमुनोत्री, फिर गंगोत्री, केदारनाथ और अंत में बद्रीनाथ।
धाम
ऊँचाई
खास बात
यमुनोत्री
3,291 मी.
यमुना का उद्गम। जानकीचट्टी से 6 किमी की चढ़ाई — चारों में सबसे कठिन रास्ता
गंगोत्री
3,415 मी.
गंगा का उद्गम स्थल। गाड़ी सीधे मंदिर तक जाती है, कोई पैदल चढ़ाई नहीं
केदारनाथ
3,583 मी.
ज्योतिर्लिंग। गौरीकुंड से 16 किमी ट्रेक, या घोड़ा/पालकी/हेलीकॉप्टर
बद्रीनाथ
3,133 मी.
विष्णु धाम। तप्त कुंड और माणा गाँव पास में, गाड़ी मंदिर तक
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कपाट अक्षय तृतीया के आसपास खुलते हैं और दिवाली-भाई दूज के आसपास सर्दियों के लिए बंद हो जाते हैं। 2026 में गंगोत्री 10 नवंबर, केदारनाथ और यमुनोत्री 11 नवंबर, और बद्रीनाथ 13 नवंबर को बंद होंगे। सबसे अच्छा समय मई-जून और सितंबर-अक्टूबर है। जुलाई-अगस्त में मानसून रहता है — भूस्खलन का खतरा असली है और हम इन महीनों में बुज़ुर्गों के साथ यात्रा की सलाह नहीं देते।
पैकेज में क्या-क्या शामिल है
✅ निजी गाड़ी — इनोवा क्रिस्टा / टेम्पो ट्रैवलर (मैदानी इलाके में एसी; पहाड़ में एसी ₹2,000 अतिरिक्त)
✅ हरिद्वार रेलवे स्टेशन से पिकअप और वापस ड्रॉप
✅ 9 रात होटल में ठहरने की व्यवस्था (डबल/ट्रिपल शेयरिंग)
✅ रोज़ शाकाहारी नाश्ता और रात का खाना (जैन भोजन भी उपलब्ध)
✅ चारों धामों में दर्शन में सहायता
✅ अनुभवी गढ़वाली ड्राइवर-गाइड पूरे सफ़र में
✅ बायोमेट्रिक यात्रा रजिस्ट्रेशन — बिल्कुल मुफ़्त, हम करते हैं
✅ सभी टोल, पार्किंग, राज्य कर और ड्राइवर भत्ता
✅ गाड़ी में ऑक्सीजन सिलेंडर और फ़र्स्ट-एड किट
✅ पूरे सफ़र में व्हाट्सएप पर सहायता
शुरुआती कीमत ₹18,500 प्रति व्यक्ति · 9 रात/10 दिन · सीधे ऑपरेटर का रेट, ऊपर से कोई एजेंट कमीशन नहीं
अपनी सुविधा के हिसाब से पैकेज चुनें
अकेले यात्री हों, पूरा परिवार हो या बुज़ुर्ग माता-पिता — सबके लिए अलग स्तर है। जो रेट यहाँ लिखा है, वही आपसे लिया जाएगा।
बजट
₹18,500
गाड़ी: शेयरिंग टेम्पो ट्रैवलर
होटल: साफ़-सुथरे गेस्ट हाउस
किनके लिए: अकेले और युवा यात्री
डीलक्स
₹30,000
गाड़ी: इनोवा क्रिस्टा
होटल: 2-3 स्टार
किनके लिए: परिवार
सीनियर सिटिज़न
₹27,999 से
गाड़ी: इनोवा क्रिस्टा
होटल: ग्राउंड फ़्लोर कमरे
किनके लिए: 60+ उम्र के यात्री, घोड़ा-पालकी सहित
हेलीकॉप्टर
₹2,30,000
देहरादून से हेलीकॉप्टर
होटल: उपलब्ध सर्वोत्तम
किनके लिए: कम दिनों में पूरी यात्रा
हिन्दी पट्टी से हरिद्वार कैसे पहुँचें
हमारे सभी पैकेज हरिद्वार से शुरू और खत्म होते हैं। दिल्ली, लखनऊ, पटना, वाराणसी, जयपुर, भोपाल — हर बड़े शहर से हरिद्वार के लिए सीधी ट्रेनें हैं, और यही सबसे आरामदेह तरीका है।
🚂 ट्रेन से
दिल्ली से शताब्दी (12017) सुबह 6:45 पर चलकर 10:55 पर हरिद्वार पहुँचा देती है। रात की गाड़ी चाहिए तो मसूरी एक्सप्रेस या नंदा देवी एक्सप्रेस। लखनऊ, वाराणसी, पटना, इंदौर और जयपुर से भी सीधी गाड़ियाँ हैं। सीज़न में यह रूट भरा रहता है, इसलिए टिकट पहले से करा लें।
✈️ हवाई जहाज़ से
हरिद्वार में हवाई अड्डा नहीं है। सबसे नज़दीक देहरादून का जॉली ग्रांट (DED) है — हरिद्वार से 35 किमी, करीब एक घंटा। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद से रोज़ उड़ानें हैं। एयरपोर्ट से हरिद्वार की टैक्सी हम पहले से भेज देते हैं।
🚌 सड़क से
दिल्ली से हरिद्वार 210 किमी, NH-58 से 5-6 घंटे। कश्मीरी गेट और आनंद विहार से लगातार बसें चलती हैं। ध्यान रहे — सावन के महीने में कांवड़ यात्रा के कारण यह पूरा रास्ता हफ़्तों तक प्रभावित रहता है, तब ट्रेन ही बेहतर है।
💡 जो बात हिन्दी में कोई नहीं बताता
हमारे यहाँ सबसे ज़्यादा यात्री उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर से आते हैं, और अक्सर पूरा परिवार एक साथ — जिसमें 70 पार के माता-पिता भी होते हैं। सबसे बड़ी गलती जो हम हर सीज़न देखते हैं, वह है केदारनाथ की ऊँचाई को हल्के में लेना। 3,583 मीटर पर साँस भारी होती है, चाहे आप कितने भी स्वस्थ हों, और 16 किमी की चढ़ाई मैदान के 16 किमी जैसी बिल्कुल नहीं है। घोड़ा, पालकी या हेलीकॉप्टर लेने में कोई शर्म नहीं — जो परिवार पहले से यह तय कर लेते हैं, उनकी यात्रा आराम से पूरी होती है। दूसरी बात पैसे की है: सबसे ज़्यादा ठगी भी हिन्दी में ही होती है, क्योंकि ठग और यात्री दोनों की भाषा एक है। किसी भी ऑपरेटर से होटल के नाम लिखित में माँगिए, और भुगतान हमेशा उसी बैंक खाते में करें जो आपकी लिखित बुकिंग पर छपा हो — व्हाट्सएप पर आया हुआ नया खाता नंबर सबसे आम धोखा है।
क्या यात्रा रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है?
हाँ, चारों धामों के लिए बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है और सोनप्रयाग जैसे चेकपोस्ट पर इसकी जाँच होती है — बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के आगे नहीं जाने दिया जाता। रजिस्ट्रेशन registrationandtouristcare.uk.gov.in पर यात्रा से पहले ऑनलाइन होता है, इसके लिए आधार चाहिए। हमारे पैकेज में आने वाले हर यात्री का रजिस्ट्रेशन हम मुफ़्त कर देते हैं। अगर आप खुद करना चाहें तो भी कर सकते हैं — हम लिंक और तरीका बता देंगे, यह आपका अधिकार है।
DM
Dhanesh Chandra Mishra
Founder & Director, Shiv Ganga Travels
Dhanesh Chandra Mishra is a retired Indian Army officer who founded Shiv Ganga Travels in Roorkee, Uttarakhand in 2010. His military background — precision, accountability, zero tolerance for shortcuts — defines how the company operates. He has personally driven the Kedarnath and Badrinath routes hundreds of times and remains actively involved in every yatra season.
✓ Retired Indian Army Officer✓ Founded Shiv Ganga Travels 2010✓ 50,000+ pilgrims served✓ 15 seasons on Char Dham routes
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हिन्दी में सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले सवाल, सीधे जवाब के साथ।
हरिद्वार से 9 रात/10 दिन का बजट पैकेज ₹18,500 प्रति व्यक्ति से शुरू होता है, जिसमें गाड़ी, होटल, नाश्ता-खाना, गाइड और रजिस्ट्रेशन शामिल है। डीलक्स (इनोवा क्रिस्टा और 2-3 स्टार होटल) करीब ₹30,000 पड़ता है। इसमें आपके शहर से हरिद्वार तक का किराया, केदारनाथ का घोड़ा-पालकी (₹3,500–12,000) और पहाड़ में एसी (₹2,000) अलग है। ये सीधे ऑपरेटर के रेट हैं, ऊपर से किसी एजेंट का कमीशन नहीं जुड़ता।
सीज़न 19 अप्रैल 2026 से शुरू होता है। बंद होने की तारीखें: गंगोत्री 10 नवंबर (दिवाली), केदारनाथ और यमुनोत्री 11 नवंबर (भाई दूज), बद्रीनाथ 13 नवंबर 2026। कपाट बंद होने के बाद देवता अपने शीतकालीन गद्दीस्थलों में विराजते हैं — केदारनाथ ऊखीमठ, बद्रीनाथ जोशीमठ, गंगा मुखबा और यमुना खरसाली।
सड़क मार्ग से पूरा चक्कर 9 से 12 दिन का होता है। हेलीकॉप्टर से देहरादून से 5-6 दिन में पूरी यात्रा संभव है। सिर्फ़ केदारनाथ-बद्रीनाथ यानी दो धाम करने हों तो 5-6 दिन काफ़ी हैं। 7 दिन में चारों धाम का वादा करने वाले पैकेज से सावधान रहें — रास्ते इतनी जल्दी की इजाज़त नहीं देते।
हाँ, बशर्ते तैयारी हो। हमारे सीनियर सिटिज़न पैकेज में ग्राउंड फ़्लोर कमरे, बीच में आराम का दिन, गाड़ी में ऑक्सीजन और केदारनाथ में घोड़ा या पालकी पहले से बुक रहती है। दिल की बीमारी, साँस की तकलीफ़ या हाल में हुई सर्जरी की जानकारी बुकिंग के समय ज़रूर दें — छिपाने से नुकसान आपका ही है। अगर हमें लगेगा कि किसी को केदारनाथ की चढ़ाई नहीं करनी चाहिए, तो हम साफ़ कह देंगे।
नहीं। गौरीकुंड से 16 किमी पैदल, घोड़े पर (₹3,500–4,500), पालकी में (₹8,000–12,000) या हेलीकॉप्टर से तय किया जा सकता है। ज़्यादातर स्वस्थ यात्री ऊपर पैदल जाते हैं और नीचे घोड़े से आते हैं। हेलीकॉप्टर के लिए 2026 में नियम बदले हैं — केदारनाथ शटल की टिकट सिर्फ़ IRCTC हेलीयात्रा पोर्टल पर मिलती है, हेलीपैड पर सीधी बुकिंग बंद हो चुकी है।
हम सलाह नहीं देते, खासकर बुज़ुर्गों के साथ। जुलाई से सितंबर के मध्य तक भूस्खलन आम बात है, रास्ते घंटों बंद रहते हैं और मौसम का कोई भरोसा नहीं। सितंबर के दूसरे हफ़्ते के बाद हालात तेज़ी से सुधरते हैं — सितंबर-अक्टूबर हमारी नज़र में साल का सबसे अच्छा समय है, भीड़ भी कम और मौसम भी साफ़।
हाँ। हमारे सभी पैकेज में पूरा शाकाहारी भोजन रहता है, और बुकिंग के समय बता दें तो जैन भोजन की व्यवस्था भी हो जाती है। ऊँचाई पर हल्का खाना ही ठीक रहता है — केदारनाथ और बद्रीनाथ में भारी भोजन से तबीयत बिगड़ने के मामले हम हर सीज़न देखते हैं।
बुकिंग पक्की करने के लिए 25% अग्रिम, बाकी यात्रा शुरू होने से पहले। भुगतान हमेशा उसी बैंक खाते में करें जो आपकी लिखित बुकिंग पुष्टि पर लिखा हो। कोई भी भरोसेमंद ऑपरेटर पूरी रकम पहले नहीं माँगता, और न ही किसी निजी खाते में पैसे माँगता है। अगर बुकिंग के बीच में व्हाट्सएप पर नया खाता नंबर आए तो रुक जाइए और सीधे फ़ोन करके पुष्टि कीजिए — यात्रियों के पैसे इसी तरीके से सबसे ज़्यादा डूबते हैं।