“कब जाएं” का जवाब सिर्फ मौसम से तय नहीं होता — दाम भी महीने के साथ बदलते हैं, और काफी बदलते हैं। मई-जून में होटल के रेट लगभग दोगुने हो जाते हैं और कमरे पहले से भर जाते हैं। सितंबर-अक्टूबर में वही यात्रा सस्ती भी पड़ती है और आराम से भी होती है।
महीने के हिसाब से भीड़, होटल के दाम और कितने पहले बुकिंग करनी चाहिए
महीना
भीड़
होटल के दाम
कितना पहले बुक करें
अप्रैल (कपाट खुलने पर)
कम
सामान्य
2–3 हफ्ते
मई
सबसे ज्यादा
सबसे महंगे — लगभग दोगुने
6–8 हफ्ते
जून (15 तक)
बहुत ज्यादा
महंगे
6–8 हफ्ते
जुलाई–अगस्त
बहुत कम
सबसे सस्ते
1 हफ्ता — पर मानसून में जाना ही ठीक नहीं
सितंबर (15 के बाद)
मध्यम
सामान्य
2–3 हफ्ते
अक्टूबर
मध्यम
सामान्य
2–3 हफ्ते
नवंबर (कपाट बंद होने तक)
कम
सस्ते
1–2 हफ्ते
एक बात और जो आमतौर पर नहीं बताई जाती — केदारनाथ में रोज़ाना यात्रियों की तय सीमा होती है (हाल के सीज़न में 18,000 तक), और मई-जून में यह सीमा सच में भर जाती है। कोटा पूरा होने पर सोनप्रयाग का बैरियर बंद हो जाता है, चाहे आपके पास वैध रजिस्ट्रेशन हो। सितंबर-अक्टूबर में यह दिक्कत लगभग नहीं आती।
अलग-अलग लोगों के लिए अलग सुझाव
🧓
बुजुर्ग माँ-बाप के साथ
→ सितंबर पहला हफ्ता
कम भीड़, घोड़ा आसानी से मिलता है
👨👩👦
छोटे बच्चों के साथ
→ मई 20-31
स्कूल छुट्टी, मौसम ठीक, ज्यादा ठंड नहीं
💼
नौकरी वाले (10-12 दिन)
→ सितंबर/अक्टूबर
कम भीड़ = कम समय बर्बाद
📸
Photography पसंद है
→ अक्टूबर
साफ आसमान, बर्फ से ढकी चोटियां
💰
Budget tight है
→ सितंबर-अक्टूबर
होटल 30-40% सस्ते
🔰
पहली बार जा रहे हैं
→ सितंबर
सब आसान, कम भीड़, ज्यादा शांति
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
❓ Diwali के आसपास जाना कैसा?
नवंबर में मंदिर बंद होने वाले होते हैं। Closing ceremony देखना हो तो जाएं, लेकिन मौसम बहुत ठंडा।
❓ क्या September में बारिश होती है?
कभी-कभी हल्की बारिश। मानसून जैसी नहीं। रेनकोट साथ रखें।