🗓️ Last updated: July 30, 2026 · By Shiv Ganga Travels
केदारनाथ — जरूरी जानकारी एक नज़र में
ऊंचाई
3,583 मीटर
ट्रेक
गौरीकुंड से 16 km
समय
5-7 घंटे
कपाट खुले
22 अप्रैल 2026
कपाट बंद
11 नवंबर 2026
BSNL नेटवर्क
ऊपर जरूरी
हर सीजन में हमें ऐसे सैकड़ों फोन आते हैं — "भैया, पहली बार केदारनाथ जा रहे हैं, क्या-क्या पता होना चाहिए?" इस लेख में हम आपको वो 18 गलतियाँ बताएंगे जो नए यात्री सबसे ज्यादा करते हैं।
18 गलतियाँ जो बिल्कुल मत करना
1
बिना रजिस्ट्रेशन के निकल पड़ना
सोनप्रयाग पर पुलिस रोकती है। 6 घंटे गाड़ी में बैठकर आए हों — वापस। registrationandtouristcare.uk.gov.in पर मुफ्त में करें।
2
मई के पहले हफ्ते में जाना
लाखों लोग opening पर पहुँचते हैं। 8-10 घंटे की लाइन। मई अंत या सितंबर-अक्टूबर बेहतर।
3
सस्ते जूते पहनकर जाना
16 km पथरीला रास्ता। साधारण चप्पल में टखना मुड़ सकता है। Anti-slip ट्रेकिंग जूते जरूरी।
4
ऊनी कपड़े न लाना
जून में भी रात को 3-8°C। थर्मल इनर, sweater, रेनकोट जरूरी।
5
खाली पेट ट्रेक शुरू करना
गौरीकुंड में अच्छा नाश्ता करके निकलें। साथ में बिस्किट, नट्स, ORS रखें।
6
बहुत ज्यादा सामान पीठ पर लेना
ट्रेक पर सिर्फ छोटा बैग — पानी, खाना, दवाइयां। 5-6 km पर कमर टूट जाती है।
7
मोबाइल नेटवर्क पर निर्भर रहना
गौरीकुंड के ऊपर सिर्फ BSNL। Jio/Airtel बंद। BSNL SIM साथ रखें।
8
सोनप्रयाग से खुद गाड़ी ले जाना
सोनप्रयाग के आगे प्राइवेट गाड़ी नहीं जाती। शेयर्ड जीप ₹40-60/व्यक्ति।
9
बिना घोड़ा बुक किए जाना (50+ के लिए)
पीक में सुबह 9 बजे घोड़े खत्म। एडवांस बुकिंग जरूरी।
10
बरसात के मौसम (जुलाई-अगस्त) में जाना
2013 की त्रासदी मानसून में हुई। लैंडस्लाइड का खतरा। इस समय बिल्कुल मत जाएं।
11
जल्दी-जल्दी दर्शन करके लौटना
कम से कम 1 रात केदारनाथ में रुकें। भोर की 4:30 बजे मंगल आरती — जीवन बदल देती है।
12
ATM पर निर्भर रहना
केदारनाथ में ATM नहीं। गुप्तकाशी से ₹5,000-10,000 नकद निकाल लें।
13
रात 10 बजे के बाद रास्ते पर रहना
सरकारी नियम। रात 10 से सुबह 4 बजे तक गाड़ी बंद। शाम ढलने से पहले रुकने की जगह पहुँचें।
14
सस्ती ऑनलाइन होटल बुकिंग पर भरोसा
पहुँचने पर कमरा नहीं मिलता। फोन पर कंफर्म करें या पैकेज में जाएं।
15
Power Bank न लाना
केदारनाथ में बिजली सीमित। 20,000 mAh का Power Bank जरूरी।
16
5 साल से छोटे बच्चे को 3,500m पर लाना
ऑक्सीजन कम होती है। छोटे बच्चों को गौरीकुंड में रखें।
17
मंदिर में चमड़े की चीजें लाना
Belt, bag — मंदिर में न जाएं।
18
रास्ते के एजेंट की बात सुनना
अनजान एजेंट गलत जानकारी देते हैं। सिर्फ पंजीकृत ऑपरेटर के साथ जाएं।
ट्रेक वाले दिन असल में होता क्या है
पहली बार जाने वालों को सबसे ज्यादा हैरानी इस बात से होती है कि गाड़ी मंदिर तक नहीं जाती — और यह बात ज्यादातर गाइड में साफ नहीं लिखी होती। दिन का क्रम यह रहता है:
केदारनाथ ट्रेक वाले दिन का क्रम — समय, जगह और क्या होता है
समय
जगह
क्या होता है
3:00–4:00 बजे
गुप्तकाशी
होटल से निकलना। नाश्ता साथ बांध लें — रास्ते में सब बंद रहता है।
4:30–5:00 बजे
सोनप्रयाग
गाड़ी यहीं रुक जाती है। पुलिस चेकपोस्ट — रजिस्ट्रेशन का QR स्कैन होता है। बड़ा सामान गाड़ी में ही छोड़ें।
5:00–5:30 बजे
सोनप्रयाग → गौरीकुंड
शेयर्ड जीप, 5 किमी, ₹30–50 प्रति व्यक्ति। अपनी गाड़ी आगे नहीं जा सकती।
5:30 बजे
गौरीकुंड
ट्रेक शुरू। घोड़ा-पालकी यहीं से बुक होती है — पहले से तय कर लें, बीच रास्ते में नहीं मिलती।
11:00–12:30
केदारनाथ
16 किमी, 5–7 घंटे। दर्शन की लाइन खुले में लगती है — गर्म कपड़ा ऊपर पहुंचकर पहनना है।
शाम
वापस या रुकना
उसी दिन उतरें तो कुल 32 किमी। ऊपर रुकें तो सुबह की आरती मिलती है, पर कमरा पहले से बुक चाहिए।
इसका सीधा मतलब यह है कि पहाड़ पर वही सामान जाएगा जो आप खुद उठाकर चलेंगे — यानी 5–7 किलो का एक छोटा बैग। बाकी सब गुप्तकाशी के होटल या गाड़ी में रहेगा। और नकद जरूर रखें: जीप, घोड़ा, चाय-खाना सब कैश पर चलता है, और ऊपर नेटवर्क न होने पर UPI काम नहीं करता।